main menu

Drop Down MenusCSS Drop Down MenuPure CSS Dropdown Menu

Wednesday, 25 May 2016

रिश्ते

ये जो रिश्ते है
दुनिया के बाज़ार में सबसे सस्ते है
दिल को तोड़ के प्यार से
ये सब हँसते है ,

रिश्ते थे जो खून के
उन्होंने ही पराया किया
औरो से ना कोई सिकवा
जिन्होंने मुझसे साया किया,

पत्थर नहीं हूँ इंसान हूँ मैं
मुझे भी दुःख होता है
मैं भी हँसता हूँ
जब मुझे सुख होता है,

दुनिया में अकेले आते है
सबको फिर अकेले ही जाना है
जो रिश्ते छुट गए पीछे
उनपे अब क्या पछताना है,

रब ने रोता हुआ भेजा हमको
अब हँसते हुए जाना है
जो रिश्ते छुट गए पीछे
उनपे अब क्या पछताना है!

No comments :

Post a Comment