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Wednesday, 25 May 2016

इल्जाम

तेरे मेरे प्यार के किस्से को किया है तुने बदनाम,
तोडा है दिल तेरा मैंने, मुझपे आया है इल्जाम,
थकते थे न जो होठ कभी लेते हुए मेरे नाम,
 दिल को दुखाया है आज उसी ने सरेआम,
आगोश में तेरे बीते थे जो, आई है वो खाली शाम,
हाथो में कभी हाथ होते थे, आज उन्ही ने पकडे है जाम,
तेरे लिए दिल से मेरे,अब भी निकलते है यही पैगाम,
कल भी होठो पे तेरा ही नाम था, आज भी आया है तेरा ही नाम,

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